आधी रात को आँख खुली तो पाया किसी शादी आदमी को मेरे पास जाने उसके बाद क्या हुआ

जिसका चेहरा पूरे चांद की तरह है, जिसकी देह फूल सी कोमल है, जिसकी खाल पतली सी है, जिसका यौवन ऐसा है जैसे कोई बादल बरसने वाला हो. उसकी आंखें हिरनी सी हैं. जिसके स्तन उभरे हुए हों. और गर्दन शंख सी हो. वो होती है पद्मिनी. ऐसा हमारे शास्त्रों में लिखा है.

पद्मिनी यानी कमल सी दिखने वाली. पद्म यानी कमल.

पद्मा लक्ष्मी. जो महज एक सुंदर शरीर नहीं. राइटर, एक्टर, मॉडल, टीवी होस्ट, प्रोडूसर और मास्टर शेफ. लेकिन इंडिया वालों ने इन्हें कैसे जाना? वो 30 साल की लड़की जिससे 50 साल से राइटर सलमान रुश्दी शादी कर रहे हैं. हल्का भूरा रंग, शरीर जैसे तराशा हुआ. जिसकी कमर में हाथ डालकर सलमान रुश्दी जगह-जगह देखे गए. ये यंग, टैलेंटेड लड़की किसी पुरुष नहीं, खुद अपने नाम से जानी जाना चाहती थी. वो रुश्दी की बीवी नहीं, अमेरिकी शो टॉप शेफ की अवार्ड जीतने वाली होस्ट थी. वो जाने कितनी मैगजीनों के कवर पर छपने वाला चेहरा थी.

 

इंडिया के तमिल ब्राह्मण परिवार में पैदा हुई. लक्ष्मी 2 साल की थी, जब मां-बाप का डिवोर्स हो गया. बाप ने कभी अपनी बेटी को बाप की तरह प्यार नहीं किया.

‘मेरे पिता ने दूसरी पत्नी से हुई बेटी के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी. मेरे लिए ऐसा कभी कुछ नहीं किया. जैसे मैं उनकी बेटी हूं ही नहीं.’

अमेरिका में बड़ी हुई. पढ़ाई पहले कैलिफ़ोर्निया में, फिर मैसेच्यूसेट्स में. पढ़ने के लिए किसी से पैसे नहीं लिए. एजुकेशन लोन पर पढ़ीं. और कॉलेज के बाद मॉडलिंग कर पूरा लोन किया.

जब पद्मा लक्ष्मी एक सफल मॉडल और युवा लेखक थीं, ये सलमान रुश्दी से मिलीं. सलमान के चेहरे और बातों से मानों नूर टपकता था. पद्मा रुश्दी में खुद को खोती चली गईं.

‘मैं 30 की भी नहीं थी. किताबों से प्यार था. और एक राइटर से मुलाकात हो गई. सलमान से मिलना मेरे साथ होने वाली सबसे अच्छी चीज थी. उस कद और टैलेंट का कोई पुरुष मुझसे बात करना चाहे, यही मेरे लिए बहुत बड़ी बात थी. वो मुझे लंच पर ले जाना चाहते थे, मुझे इस बात पर विश्वास ही नहीं हुआ.’

[…]

‘रात के तीन बजे अचानक आंख खुली. और मैंने महसूस किया कि मैं एक शादीशुदा मर्द के बिस्तर पर हूं.’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

NEWS © 2017 Frontier Theme